Monday, April 15, 2024
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MP में सर्पोटोरियम, सांपों की 4600 प्रजातियों की रोचक

जहरीले सांप के नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं। इनकी दुनिया भी रहस्यमय है। इन रहस्यों को समझने के लिए उज्जैन में एक सर्पोटोरियम या स्नेक इन्फोटेन्मेंट पार्क खुला है। यहां दुनियाभर के सांपों की 4600 प्रजातियों के बारे में रोचक जानकारी मिलेगी। यह पार्क देश का पहला इस तरह का पार्क है।

इसका उद्देश्य सांपों के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करना है। यहां शोधार्थी सांपों पर रिसर्च भी कर सकेंगे। यहां सांपों के रहन-सहन, व्यवहार, खान-पान, कौन से सांप जहरीले होते हैं, उनका विकास आदि जानकारी ऑडियो और विजुअल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

पार्क 5 एकड़ जमीन पर बसंत विहार इलाके में स्थापित किया गया है। 9 अप्रैल को इसका आधिकारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करने वाले थे, लेकिन आचार संहिता के कारण ऐसा नहीं हो सकेगा। इसलिए, फिलहाल मंचानुक्रम को अनौपचारिक रूप से आयोजित किया गया है। पहले चरण की लागत करीब दो करोड़ रुपए है।

सर्प अनुसंधान संगठन के संचालक मुकेश इंगले ने बताया कि उज्जैन को स्नेक पार्क के लिए चुना गया क्योंकि यहां महाकाल की नगरी है। सर्प महाकाल का सबसे बड़ा आभूषण है। लोग इससे धर्म को भी जोड़कर जानकारी लेने पहुंचेंगे।

सांपों के प्रति डर को कम करने का प्रयास इंगले ने बताया कि लोगों के मन में सांपों के प्रति बैठे डर को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकांश लोगों को क्षेत्र में पाए जाने वाले सांपों के बारे में जानकारी नहीं होती कि बहुत कम सांप जहरीले होते हैं। इस कारण लोग उन्हें देखते ही मार देते हैं। पिछले कई सालों में सांपों की जनसंख्या कम होती जा रही है।

सांपों को तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहले हिस्से में, उज्जैन और आसपास के सांपों का विवरण दिया जाएगा। दूसरे हिस्से में, जिले में पाए जाने वाली लगभग 23 प्रजातियों की जानकारी होगी। तीसरे हिस्से में, मध्य भारत में पाए जाने वाले सांपों की रोचक जानकारी दी जाएगी।

स्नेक पार्क में, जंगल जैसा माहौल बनाया गया है। इसे विभिन्न देशों के विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर डिज़ाइन किया गया है। साथ ही, सांपों की जानकारी और प्रदर्शन के साथ-साथ जंगली माहौल को भी बनाया गया है। इसमें म्यूजियम की तरह वॉल डेकोरेशन के साथ लाइटिंग भी की गई है।

इंटरप्रीटेशन सेंटर में, सांपों से जुड़ी जानकारी जैसे उनका नाम, आहार, आवास क्षेत्र, विशेषताएँ, पहचान, आदतें आदि उपलब्ध होगी। यहाँ सांपों से बचाव के तरीके भी सिखाए जाएंगे।

हार्पेटोलॉजिकल रिसर्च लाइब्रेरी में, सारिसृपों पर आधारित रिसर्च सेंटर होगा। यहाँ 5 घंटे से 6 महीने के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्सेज उपलब्ध होंगे। इसे विक्रम विवि के साथ शुरू किया जाएगा।

ट्रेनिंग सेंटर में, सांपों के कारण होने वाली मौत और सांपों की रक्षा के लिए कर्मचारियों को तैयार किया जाएगा। यहाँ मेडिकल स्टाफ, वन विभाग के कर्मचारी आदि को आवश्यक ट्रेनिंग दी जाएगी।

रेप्टाइल हाउस में, सांपों के साथ ही छिपकली, घड़ियाल, मगरमच्छ आदि भी होंगे, जिन्हें दर्शक देख सकेंगे। इस स्नेक इनफोटेनमेंट पार्क में, सारिसृपों के साथ सारिसृप पर आधारित ज्ञान केंद्र होगा, जहाँ उनकी एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, और मायथोलॉजी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

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